पद – संत कवि ध्रनी दास

संत कवि ध्रनी दास जी के लिखल इहाँ दू गो पद दिहल गइल बा। पहिलका पद में जहवाँ भक्त अपना के सबले कम अँकले बाड़ें उहँवें भगवान के सब गुन से भरल आ महान कहत बाड़ें। दूसरा पद में कवि भगवान के गुरु मानत बाड़ें उनका कहला अनुसार जवना दिन गुरु के लागीं प्रेम आ […]