Category sahitya

देहाती गारी आ ओरहन

भोजपुरी में अपशब्द (गारी) आ ओरहन देवे के भी एगो आपन तरीका बा, शैली बा आ भोजपुरी मे गारी के एगो आपन स्थान आ जगह बा। आपन भोजपुरी में शब्दन के कमी नइखे, एगो खोजेब दस गो मिली। भोजपुरी में…
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भोजपुरी में चिरई चुरुंग के नाम

जइसन की हमनी के जानत बानी जा कि हर क्षेत्र मे अलग अलग तरह के चिरई मिलेली सन। अपना समाज में चिरइन के बड़ा महत्व भी बा जइसे कि सुग्गा, गौरइया, कउवा, लीलकंठ इत्यादि। एह पेज प भोजपुरी में प्रयोग…
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विलोम शब्द (विपरीतार्थक शब्द)

भोजपुरी शब्द के उल्टा अर्थ वाला शब्द : विलोम शब्द (विपरीतार्थक शब्द) विलोम शब्द के परिभाषा विलोम के मतलब होला उल्टा। कवनो शब्द के उलट भा विपरीत मतलब देवे वाला शब्द के विलोम कहल जाला आ ओ शब्द के विलोम…
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लिंग और वचन (भोजपुरी व्याकरण)

लिंग और वचन (भोजपुरी व्याकरण) संज्ञा में लिंग, वचन और कारक होते हैं। हिन्दी के समान भोजपुरी में भी पुल्लिंग और स्त्रीलिंग वाचक शब्द होते हैं । जिससे पूरुष-जाति का बोध होता है, उसे पुल्लिंग कहते हैं। जिस संज्ञा से…
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GENERAL TERMS USED BY BHOJPURIANS

Weekdays English Bhojpuri भोजपुरी Sunday Eitwaar एतवार Monday Somaar सोमार Tuesday Mungar मंगर Wednesday Budhh बुध Thursday Bifey बिफे Friday Sook / Juma सूक / जुमा Saturday Sunicher सनिचर Weekdays in Bhojpuri Fruits and Vegetables English Bhojpuri भोजपुरी Mango Aam…
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Useful phrases in Bhojpuri – भोजपुरी में उपयोगी वाक्यांश

Useful phrases in Bhojpuri – भोजपुरी में उपयोगी वाक्यांश English भोजपुरी (Bhojpuri) Welcome आईं ना (aain naa) Hello (General greeting) प्रणाम (prannam) How are you? का हाल बा? (kaa haal ba?) Reply to ‘How are you?’ सब बढ़िया बा (sab…
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पद – संत कवि ध्रनी दास

संत कवि ध्रनी दास जी के लिखल इहाँ दू गो पद दिहल गइल बा। पहिलका पद में जहवाँ भक्त अपना के सबले कम अँकले बाड़ें उहँवें भगवान के सब गुन से भरल आ महान कहत बाड़ें। दूसरा पद में कवि…
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ग्राम सेविका

मकुनाही पोखर पर लूटन मिश्र वैद्य के मुँह धेअत देख के काशीनाथ उनका से कहलें कि एगो नया बात सुननी हाँ। बैद्य उनका ओर ध्यान देके पुछलन कि का भइल बा। काशीनाथ कहले- अपना इलाका में एगो ग्राम सेविका आइल…
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सांस्कृतिक पर्व दहशरा

दशहरा के नाम सुनते मन में आनन्द के सागर उमड़े लागे ला। एक ओर शक्ति के देवी दुर्गा के पूजा के मंत्रा गूंजत रहेला त दूसर ओर रामलीला, नाटक, संगीत के सांस्कृतिक वातावरण देखे के मिले ला। एह पर्व के…
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प्रीत जहिया सजोर हो जाई

‘प्रीत जहिया सजोर हो जाई’ ग़ज़ल रमेशचन्द्र झा द्वारा प्रीत जहिया सजोर हो जाई,भाव मन के विभोर हो जाई! दर्द के बाँसुरी बजाई के,बोल बहरी कि सोर हो जाई! हम सँवारब सनेह से सूरत,रूप सुगनाक ठोर हो जाई! रात भर…
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